Sunday , September 19 2021
Breaking News

जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों को नेस्तनाबूद करने की तैयारी, घाटी में तैनात हुए दो काबिल अधिकारी

Share this

नई दिल्ली। देश में लगातार विरेाधियों और फिर अपनों की आलोचनाओं का शिकार होने के बाद केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार कश्मीर में अब पूरी तरह से आतंकवाद को नेस्तनाबूद करने के लिए कमर कस चुकी है जिसके लिए वो अब क्रमबद्ध तरीके से काम में जुट गई है। इसी के चलते सबसे पहले वहो गठबंधन को समाप्त किया गया और सेना को काम करने की आजादी दी गई वहीं अब जम्मू कश्मीर में दो बेहद ही जांबाज और जानकार अफसरों की तैनाती किये जाने से काफी कुछ साफ जाहिर हो रहा है।

गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का गठबंधन टूटने के बाद यहां राज्यपाल शासन बहाल कर दिया गया है। इसके साथ ही जिस तरह से अब राज्य में दो उन अफसरों की तैनाती की गई है जो न सिफ बेहद अनुभवी हैं बल्कि जांबाज और काबिल भी हैं। वह इस ओर इशारा कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों और अलगाववादियों का सफाया वैसे ही किया जाएगा जैसे कभी  चंदन तस्कर वीरप्पन का किया गया था या फिर जिस तरह से छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के सफाए के लिए योजनाएं बनाई गईं थीं।

क्योंकि जैसा कि बताया जाता है कि कल बुधवार को जिन दो अधिकारियों को राज्यपाल एनएन वोहरा का मुख्य सचिव और सलाहकार नियुक्त किया गया है उक्त दोनों ही अफसर बखूबी नक्सलियों और चंदन तस्कर वीरप्पन को जड़ से उखाड़ने में अहम योगदान निभा चुके हैं। दरअसल बीवीआर सुब्रमण्यम को राज्यपाल वोहरा के मुख्य सचिव नियुक्त किए गए हैं।  उन्हें नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाल करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने नक्सलियों पर लगाम कसने में अहम योगदान दिया है। वहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी विजय कुमार जो अब राज्यपाल के सलाहकार हैं ये वही हैं जिन्होंने कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को अक्टूबर 2004 में  हुए एक मुठभेड़ में मारा गिराया था।

हालांकि यूपीए सरकार में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खास अधिकारी कहे जाने वाले  बीवीआर सुब्रमण्यम नक्सली इलाकों में शांति बहाल करने के साथ उनपर नियंत्रण करने की महारथ हासिल है। सुब्रमण्यम दोनों यूपीए कार्यकाल में सिंह के दाहिने हाथ की तरह काम करते रहे। फिर वह वर्ल्ड बैंक में काम करने के लिए अमेरिका चले गए और तीन साल बाद जब वापसी की तब  उन्हें संयुक्त सचिव का पद दिया गया।

इतना ही नही सुब्रमण्यम मोदी सरकार में भी अहम भूमिका  रह चुके हैं। उन्होंने संयुक्त सचिव के पद पर काम किया फिर उन्हें छत्तीसगढ़ में बढ़ती नक्सली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए भेजा गया। गृह सचिव की अहम जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने नक्सली क्षेत्रों में विकास कार्य किया। सड़के बनवाईं। 300 नक्सलियों को मारा यही नहीं 1000 से अधिक को सरेंडर करने पर मजबूर किया।

इसके साथ ही दक्षिण में जब चंदन तस्कर का आतंक मचा रखा था तब वह विजय कुमार ही थे जिन्होंने उसके आतंक का सफाया किया। कुख्यात चंदन तस्कर वीरप्पन को अक्टूबर 2004 में जिस मुठभेड़ में मारा गया था उस टीम का नेतृत्व कुमार के हाथों में ही था।

यही नहीं विजय कुमार को उग्रवाद निरोधक अभियान चलाने में महारथ हासिल है। जब कश्मीर घाटी में 1998-2001 में आतंक चरम पर था तब भी विजय कुमार की नीतियों और सलाह के बाद वहां आतंक पर नियंत्रण किया गया था। उस दौरान भी विजय कुमार ने ही घाटी में बीएसएफ के जरिए आतंकवाद निरोधक अभियान चलवाया था। और खूब वाहवाही बटोरी थी।

साथ ही छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जब नक्सलियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था उसके बाद विजय कुमार ने बड़ा अभियान चलाया था और बड़ी संख्या में नक्सलियों को सरेंडर करने पर मजबूर किया था।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »