Tuesday , September 28 2021
Breaking News

मैं ज्वालामुखी हूं बीजेपी इतना जान ले: ओमप्रकाश राजभर

Share this

वाराणसी। प्रदेश सरकार में गठबंधन वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेन्द्र पांडेय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि किसी के कहने से ना कोई चोर हो जाता है और  ना ही सत्यवादी।

उन्होंने अपनी पार्टी के विधायक पर लग रहे आरोपों को भी खारिज कर दिया। कहा कि राज्यसभा चुनाव में क्रास वोटिंग करने के भी आरोप लगे। पार्टी विधायक पर 600 करोड़ के गबन के आरोपों पर कहा कि मैं तो एक कहावत जानता हूं या तो रुपया सरकार के बैंक में है या तो रुपया कंगाल की जुबान पर है। मुझको इतने दिन हो गये मैंने आज तक 50 लाख रुपये एक साथ नहीं देखा। हां! पार्टी के चलाने के लिए चंदा इधर-उधर से मांग कर खर्च जरूर करता हूं, कुछ भी कह देना बहुत आसान है और करना बड़ा कठिन है।

ज्ञात हो कि दो दिन पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने सुभासपा विधायक कैलाश नाथ सोनकर के बारे में विवादित बयान दिया था। बुधवार को कैलाश नाथ सोनकर ने प्रेसवार्ता कर डॉ महेंद्रनाथ पांडेय के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी थी।

वहीं उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे दबाने का प्रयास ना किया जाए मैं जवालामुखी हूं, जितना दबाओगे उतना खतरनाक होता जाऊंगा। कहा कि जो दुखी है वह अपने दुख के निवारण के लिए खुद प्रयास कर रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने सपा नेता शिवपाल यादव से मुलाकात पर कहा कि जब डिंपल यादव मुख्यमंत्री से मिलती हैं तो गठबंधन में फेरबदल नहीं होगा, शिवपाल यादव अमित शाह से मिले तो क्या मुख्यमंत्री से गठबंधन हो गया। मुलाकात तो सोनिया गांधी, मायावती व अखिलेश से भी होती रही लेकिन उससे गठबंधन पर कोई फर्क नहीं पड़ता। गठबंधन तो केवल भाजपा से है।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं तो सबसे मिलता हूं। मायावती से तीन बार एयरपोर्ट पर मिल चुका हूं। मायावती जी ने मुझसे कहा कि तुमने मेरा बड़ा नुकसान कर दिया तो मैंने उनसे कहा अगर आपने मेरे समाज के लिए कुछ किया होता तो शायद आपका नुकसान ना होता। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अब तक 54 प्रतिशत आबादी पिछड़ों की है जिसे भड़काकर वोट लिया जाता रहा है। मैं अब उनकी लड़ाई लड़ रहा हूं।

Share this

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »