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300 साल पुराने मंदिर से 55 किलो के सोने का कलश लेकर चोर हुए फरार

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भोपाल। चोरों का कोई इमान धर्म नही होता है उनका सब कुछ होता है पैसा और उसके लिए वो कहीं भी कभी भी हाथ आजमाने को तैयार रहते हैं इसी के चलते कुछ ऐसे ही चोरों ने मध्य प्रदेश में शिवपुरी जिले के खनियांधाना किले के राजमहल में 300 वर्ष से भी पुराने ऐतिहासिक राम-जानकी मंदिर की गुम्बद पर लगा 55 किलोग्राम का स्वर्ण कलश कल रात उड़ा लिया है। जिसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपये है।

गौरतलब है कि कलश चोरी होने के बाद खनियांधाना नगर पंचायत अध्यक्ष एवं राम-जानकी मंदिर के संरक्षक शैलेन्द्र सिंह जूदेव ने सबसे पहले मंदिर के गुम्बद पर स्थापित स्वर्ण कलश को गायब देखा और पुलिस को इसकी जानकारी दी। जूदेव खनियांधाना के पूर्व राज परिवार के सदस्य हैं किले के एक भाग में रहते हैं। मंदिर और किला दोनो पास-पास ही हैं।

हालांकि इस कलश के गायब होने के बाद इस घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी उसके बाद डॉग स्क्वाड और फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे और इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है। फिलहाल अभी तक चोरों का कोई सुराग नहीं लगा है। पुलिस ने कलश चुराने वालों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को 10,000 रुपये इनाम देने की घोषणा की है।

ज्ञात हो कि नवाब काल में स्वतंत्र राजधानी रही खनियांधाना के किले में तत्कालीन महाराजा खलक सिंह जूदेव ने राम-जानकी मंदिर की स्थापना की थी। राम जानकी मंदिर  उनके पूर्वजों की आराधना स्थली रही है। मंदिर का निर्माण के समय ओरछा धाम के राजा ने राम-जानकी मंदिर के कलश का निर्माण कराया गया था।  दोनों मंदिरों की गुम्बद पर एक साथ कलश चढ़ाए गए थे।

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