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भारी पड़ा फिल्म ‘जिला गोरखपुर’ का पोस्टर, दर्ज हुआ मामला निर्माता-निर्देशक पर

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लखनऊ। अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ को लोग बनाने लगे हैं विवाद और चर्चित होने की जुगाड़ ऐसा ही कुछ बॉलीवुड में चलन जारी है कि जब-तब कोई न कोई डायरेक्टर द्वारा अपनी फिल्म में एक धर्म विशेष और उससे जुड़े लोगों का तमाशा बनाया जाना आम है। हद तो ये है कि इसके उदाहरण एक-दो नही बल्कि तमाम हैं। इसी क्रम में अब फिल्म ‘जिला गोरखपुर’ भी आ गई है क्योंकि इसके डायरेक्टर के खिलाफ अब धार्मिक भावना ओं को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि जिला गोरखपुर फिल्म का पोस्टर रिलीज होते ही विवाद शुरू हो गया है। मेरठ में भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने मेडिकल थाने में फिल्म के निर्माता-निर्देशक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसएसपी के आदेश पर निर्देशक को नामजद करते हुए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।

ज्ञात हो कि जिला गोरखपुर नाम से एक फिल्म का पोस्टर सोमवार को रिलीज किया गया। इस पोस्टर में एक व्यक्ति को भगवा कपड़े पहने और हाथ में रिवाल्वर लिए खड़े दिखाया गया है। पास ही एक गाय भी खड़ी दिखाई गई है, सामने मंदिर है। इस पोस्टर के रिलीज होते ही विवाद शुरू हो गया।

दरअसल इस मामले में मेरठ दक्षिण से भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने आपत्ति जताते हुए एक तहरीर एसएसपी मेरठ को दी। तहरीर में आरोप लगाया गया कि फिल्म के निर्माता निर्देशक ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है। जिस तरह से पोस्टर को दिखाया गया है, उससे समाज में गलत संदेश जाता है।

इतना ही नही तहरीर में ये भी कहा गया है कि पोस्टर से समाज को बांटने और हिन्दुत्व को लेकर गलत संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है। इस तहरीर पर एसएसपी ने मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद रात को ही मेडिकल थाने में फिल्म के निर्माता निर्देशक विनोद तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।

हालांकि अभी मात्र पोस्टर के रिलीज होने पर विवाद और मामला दर्ज होने से खासे आहत फिल्म के डायरेक्टर विनोद तिवारी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके जानकारी दी है कि वे इस फिल्म को नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा है कि फिल्म को गलत तरीके से देखा जा रहा है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है।

इसके साथ ही अगर तमाम पुलिस अधिकारियों की मानें तो इस मामले में मानहानि, बलवा कराने की साजिश समेत कई अन्य धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं। जिसके चलते फिलहाल पुलिस इस मामले में सरकारी वकील और महाधिवक्ता से सलाह ले रही है। संभावना है कि उसके बाद इस मामले में धाराऐं बढ़ायी भी जा सकती हैं।

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