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अमृतसर रेल हादसा: ट्रेन के लोको पायलट ने कहा उसको मिला था ग्रीन सिग्नल

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नई दिल्ली। कल अमृतसर में रावण दहन के दौरान हुए दर्दनाक और खौफनाक हादसे में चश्मदीद और हादसे को अंजाम देने वाली ट्रेन के लोको पॉयलट ने अपने बयान से काफी हद तक स्थितियों को साफ कर दिया कि किन हालातों के चलते वो चाह कर भी कुछ नही कर पाया और ऐसा वीभत्स हादसा पेश आया।

गौरतलब है कि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बहुत ज्यादा धुएं के चलते ड्राइवर को कुछ नजर नहीं आया। इस मामले में ट्रेन के लोको पायलट से पंजाब पुलिस ने पूछताछ की है। लोको पायलट ने पुलिस को बताया है कि उसे चलने के लिए ग्रीन सिग्नल मिला था जिसका मतलब होता है आगे सब साफ है। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि आगे सैकड़ों लोग खड़े होंगे।

हालांकि रेलवे अधिकारी उन लाइन मैन से भी जानकारियां जुटा रहे हैं जो जौरा फाटक के पास तैनात थे और वह ड्राइवर को यह सूचना देने में विफल रहे कि आगे सैकड़ों लोग खड़े हैं। उत्तरी रेलवे के प्रवक्ता दीपक कुमार ने जारी बयान में कहा कि यह कार्यक्रम एक ऐसे क्षेत्र में हो रहा था, जो रेलवे के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों के निकट हो रहे दशहरा कार्यक्रम के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया गया था ।

इसके साथ ही लोहानी ने बताया कि ट्रेन अपनी निर्धारित गति से चलती है और शुरुआती रिपोर्ट से मालूम होता है कि चालक ने ब्रेक लगाए थे और ट्रेन धीमी हो गई थी। उन्होंने कहा, “हमारे पास न तो इसकी कोई सूचना थी और न ही हमसे अनुमति ली गई थी । यह कार्यक्रम रेलवे की जमीन के बगल वाले स्थान, एक निजी स्थान पर आयोजित किया गया था ।”

वहीं इस मामले में रेलवे को दोषी ठहराने से इनकार करते हुए लोहानी ने कहा कि राष्ट्रीय परिवाहक लोगों से अतिक्रमण नहीं करने की नसीहत देते हुए लंबे अरसे से अभियान चला रहा है। आधी रात को मौके पर पहुंचे लोहानी ने कहा, “हम इस अभियान को और आगे ले जाएंगे।”

इतना ही नही बल्कि रेलवे अब इस हादसे के लिए अमृतसर प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहा है। रेलवे के सूत्रों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन को दशहरा कार्यक्रम के बारे में जानरी थी जिसमें मंत्री की पत्नी आने वाली हैं लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं दी गई।

वहीं इस बाबत एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि क्रॉसिंग पर खड़े व्यक्ति को नजदीकी स्टेशन को वहां कार्यक्रम की भीड़ इकट्ठी होने की सूचना देनी चाहिए थी। स्टेशन मास्टर को सतर्क होना चाहिए था और बाद में उसे लोको पायलटों को सतर्क करना चाहिए था।

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