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आवारा पशुओं को लेकर सब्र का बांध टूटना शुरू, मथुरा की सड़कों पर दिखा किसानों का सैलाब

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लखनऊ। प्रदेश भर में आवरा पशुओं के द्वारा जारी जानमाल के नुक्सान पर अब लामबंदी शुरू होने लगी है। जिसके तहत जनपद मथुरा में आवारा पशुओं का मुद्दा गरमा गया है। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले गुरुवार को हजारों किसानों ने सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन किया। इन किसानों ने गोकुल बैराज से लेकर कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला।

इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो कलक्ट्रेट में पशु बांध दिए जाएंगे। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में पुलिस फोर्स तैनात है।  सुरीर, नौहझील, बाजना, टैंटीगांव समेत कई इलाकों के हजारों किसान गोकुल बैराज पर एकत्र हुए। यहां से इन किसानों ने कलेक्ट्रेट की ओर कूच किया। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसानों ने डीएम ऑफिस का घेराव किया है।

जिले में आवारा पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। रात को खेतों में घुसने वाले इन पशुओं ने गेहूं को चौपट कर दिया है। किसान रातों को जागकर फसलों की रखवाली कर रहे हैं। बलदेव, नौहझील और टैंटीगांव में तो हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। बुधवार को बलदेव, नौहझील और टैंटीगांव के किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुओं को पकड़ कर स्कूलों में बंद कर दिया। इससे अफरातफरी फैल गई। इन स्कूलों में बच्चों की छुट्टी करा दी गई।  प्रधानाध्यापकों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की तो किसान उनसे भी भिड़ गए। बाद में किसी तरह समझा-बुझाकर स्कूलों से पशुओं को निकलवाया गया। किसानों ने कहा कि अब वो पशुओं को ले जाकर कलक्ट्रेट में बांध देंगे।

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