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प्रधानमंत्री मोदी ने किया 35 ऑक्सीजन संयंत्रों का उद्घाटन, इन राज्यों में हैं प्लांट

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नई दिल्ली. कोरोना काल में देश को ऑक्सीजन की भारी कमी से जूझना पड़ा था. कई लोगों ने ऑक्सीजन की कमी के कारण जान गंवाई थी, लेकिन देश में अब कहीं भी ऐसा नहीं होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को विभिन्न राज्यों में बनाए गए 35 ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया. मुख्य कार्यक्रम उत्तराखंड में एम्स ऋषिकेश में हुआ, जहां पीएम मोदी शामिल हुए.

यहीं से पीएम मोदी ने 35 प्रेशर स्विंग एडजॉर्प्शन (पीएसए) ऑक्सीजन संयंत्र राष्ट्र को समर्पित किया. प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और राहत कोष की सहायता के ये संयंत्र बनाए गए हैं. जिन शहरों में ये संयंत्र बनाए गए हैं, उनमें शामिल हैं- गोरखपुर, प्रयागराज, नैनीताल और भोपाल.

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा, आज से नवरात्र का पावन पर्व भी शुरू हो रहा है. आज प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है. मां शैलपुत्री, हिमालय पुत्री हैं. और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की इस धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा धन्य भाव हो सकता है.

आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था. लोगों के बीच रहकर, लोगों की सेवा करने की मेरी यात्रा तो कई दशक पहले से चल रही थी, लेकिन आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली थी.

कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार कीं, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है. सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब से करीब 3 हजार टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क, मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर: क्कदेश के दूर-दराज वाले इलाकों में भी नए वेंटिलेटर्स की सुविधाएं, मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का तेज़ी से और बड़ी मात्रा में निर्माण, दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान.

भारत ने जो कर दिखाया है, वो हमारी संकल्पशक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है. सामान्य दिनों में भारत में एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन होता था. डिमांड बढ़ते ही भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया. ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल करके दिखाया.

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