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कठुआ गैंगरेप केस: फॉरेंसिक रिपोर्ट में हुआ खुलासा, काफी कुछ हुआ साफ बढ़ी इंसाफ की आशा

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नई दिल्ली। अब तक अपने आप को निर्दोष कहते आए कठुआ गैंगरेप के आरोपी अब शायद ऐसा नही कह पाऐगें क्योंकि अब फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट में आए तथ्य उनकी हकीकत चीख-चीख् कर बताऐगें। संभवतः ये ही सबूत न सिर्फ उस नन्ही परी को इंसाफ दिलाएगें बल्कि उन दरिंदों को फांसी तक ले जाऐगें।

गौरतलब है कि जैसा कि इस मामले में जम्मू-कश्मीर पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) जांच कर रही है लेकिन उसके पास आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं थे। लेकिन अब दिल्ली की फॉरेंसिक लैब (FSL) ने कठुआ गैंगरेप मामले में रिपोर्ट जारी की है। FSL की रिपोर्ट आरोपियों की मुश्किलें बढ़ा सकती है। दरअसल FSL ने पुष्टि की है कि इस मामले में जो भी सबूत सामने आए हैं वो सब सच हैं।

जैसा कि फिलहाल FSL की रिपोर्ट से अहम जानकारियां आई है उसके तहत मंदिर में मिले खून के धब्बे पीड़िता के डीएमए से मैच कर रहे हैं, इससे एक बात साफ है कि बच्ची से मंदिर के अंदर ही रेप हुआ था। तथा आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए स्थानीय पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर पीड़िता के कपड़े धोने की कोशिश की थी। हालांकि एसआईटी ने पीड़ित बच्ची के कपड़ों को जांच के लिए पहले श्रीनगर फॉरेंसिक लैब भेजा था लेकिन तब उनकी तरफ से कोई संतुष्टी भरी रिपोर्ट सामने नहीं आई। जिस कारण ही जम्मू कश्मीर के डीजीपी ने 27 फरवरी को दिल्ली गृह मंत्रालय के सचिव को चिट्ठी लिखी की इस मामले में मिले सबूतों की जांच दिल्ली की फोरेंसिक लैब में हो। गृह मंत्रालय से इसकी मंजूरी मिलने के बाद बच्ची के कपड़ों समेत अन्य सबूतों को दिल्ली भेजा गया और इसकी जांच हुई।

गृह मंत्रालय से इसकी मंजूरी मिलने के बाद इस मामले में जांच के लिए पीड़िता के जननांगों से मिले वजाइनल स्मियर, उसके बाल और आरोपी पुलिस अधिकारी दीपक खजूरिया और आरोपी शुभम सांगरा के खून के नमूनों को अलग-अलग पैकेटों में बंद करके दिल्ली भेजा गया। साथ ही मृतक बच्ची के विसरा सैंपल, आरोपी परवेश के खून के नमूने भेजे गए। इसके अलावा 16 मार्च को बच्ची कपड़े, मौका ए वारदात की कुछ मिट्टी और जहां बच्ची का शव पड़ा था वहां कि मिट्टी, आरोपी विशाल जंगोत्रा के खून के नमूने दिल्ली भेजे गए थे।

जैसा कि FSL की रिपोर्ट है उसके मुताबिक बच्ची के कपड़ों पर लगे खून के धब्बे उसके डीएनए से मेल खाते हैं। वैजाइनल स्मियर में उसका खून भी पाया गया। तथा मंदिर से बरामद लकड़ी के खंभे पर लगे खून के निशान भी पीड़िता के खून से मैच किए जिससे पता चलता है कि सांझीराम ने उसे बंधक बनाकर रखा था। वहीं मंदिर से जो बाल बरामद हुए हैं वो आरोपी शुभम सांगरा के डीएनए प्रोफाइल से मेल खाते हैं। सबसे अहम बात है कि फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट पर मेडिकल एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट आई है जिससे स्पष्ट है कि बच्ची की हत्या से पहले उससे रेप हुआ था। ज्ञात हो कि बच्ची के साथ हुई बर्बरता ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। लोग बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।

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