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कसौली गोलीकांड: आनन-फानन में झूठी कहानी बनाई, पुलिस ने खुद ही अपनी पीठ थपथपाई

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के सलोन स्थित कसौली में हुई जघन्य घटना में आरोपी की गिरफ्तारी पर भले ही हिमाचल पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन अगर गंभीरता से गौर करें और आरोपी की मानें तो कुछ और ही कहानी सामने आ रही है। जो बखूबी हिमाचल पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालिया निशान लगा रही है।

गौरतलब है कि जैसा कि हिमाचल पुलिस ने कहा है कि उन्होंने आरोपी को ट्रैप बनाकर उत्तर प्रदेश के मथुरा से पकड़ा है, मगर इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है। क्योंकि हिमाचल पुलिस गोलीकांड के आरोपी को 24 घंटे तक जंगल में खोज रही थी, लेकिन अचानक ही पुलिस को कैसे वृंदावन में आरोपी मिल गया।

वहीं आरोपी के परिजनों ने इस गिरफ्तारी को लेकर बड़ा खुलासा किया है, जिसमें उन्होंने पुलिस की कहानी को झुठा साबित किया है। परिजनों ने कहा है कि पुलिस को आरोपी की जानकारी दी और लोकेशन के आधार पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा।

उन्होंने आगे कहा है कि जब आरोपी आत्मसमर्पण के लिए पुलिस के पास जा रहा था, तब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अपनी कामयाबी घोषित कर दी।  नारायणी गेस्ट हाउस के आरोपी मालिक विजय ठाकुर ने वीरवार को अपने एक रिश्तेदार को 11:34 बजे एक नंबर से फोन किया था और तीन मिनट तक बात भी की थी। इस बातचीत के दौरान आरोपी ने कहा था कि मैं मथुरा में हूं। इस दौरान आरोपी ने कहा था कि वह आत्मसमर्पण करना चाहता है, मगर उत्तर प्रदेश की पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है।

आगे आरोपी ने बताया था कि वह कोर्ट या एसपी के सामने समर्पण करना चाहता है, इसके लिए वह कसौली और परवाणू आना चाहता है। मगर परिजन ने उस सलाह दी कि वह उसी क्षेत्र में किसी भी एसपी के कार्यालय में समर्पण कर दे। इसके बाद शाम करीब 4 बजे आरोपी ने अपने परिजन को फोन करके मैं सरेंडर करने जा रहा हूं की जानकारी दी।

जब आरोपी विजय के परिजन ने पुलिस को जानकारी दी तब पुलिस की टीम तुरंत मथुरा रवाना हो गई और लोकेशन की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। जब पुलिस को पता चला की आरोपी 5 बजे समर्पण करने जा रहा है तो उन्होंने दिल्ली की टीम से मदद लेकर उसे गिरफ्तार करने को कहा गया था।

हालांकि इस गिरफ्तारी को लेकर सोलन के एसपी डॉ. शिव कुमार ने कहा है कि उन्होंने पुलिस की टीम को दो दिन पहले दिल्ली भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने कड़ी मेहनत के बाद ठिकाने का पता चला और उसे गिरफ्तार किया।

सबसे अहम बात जो हिमाचल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाने के लिए गौर करने वाली है कि पुलिस को दो दिन पहले तक आरोपी की लोकेशन का पता था, तब भी कसौली में बुधवार को डॉग स्क्वायड की मदद से किस को खोज रही थी।

दरअसल कसौली गोलीकांड के आरोपी विजय ठाकुर को अपनी करनी पर काफी पछतावा हुआ था, जिसकी वजह से उसने आत्मसमर्पण की बात अपने परिजन को बताई थी। वहीं आत्मसर्पण के पीछे यह भी कारण है कि आरोपी को बेघर हुए बच्चों के दुख के कारण यह फैसला लिया।

ज्ञात हो कि हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में मंगलवार को एक अवैध ढांचे को तोड़ने गईं महिला अधिकारी की होटल मालिक विजय ठाकुर ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।  इस दौरान एक मजदूर घायल हो गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सहायक नगर नियोजन (एटीपी) अधिकारी शैल बाला सोलन के कसौली में होटलों का अवैध निर्माण हटवाने पहुंची थी।

 

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