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गौरतलब: काम के बोझ और तनाव का होकर शिकार, एक और पुलिसकर्मी जिन्दगी से गया हार

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लखनऊ। पुलिस विभाग में ड्यूटी की समय सीमा निर्धारित न होना और उस पर जब-तब अफसरों द्वारा खरी-खोटी सुनाया जाना आम बात है इस सबके चलते तमाम पुलिसकर्मी बेहद तनाव और हताशा में जीवन जीने को मजबूर हैं इन्हीं वजहों के चलते अक्सर वो जनता के साथ उतने अच्छे से पेश नही आ पाते हैं और अक्सर किसी विवाद में फंस जाते हैं। इसी तनाव के चलते हाल में एक अफसर द्वारा खुदकुशी किये जाने के बाद अब एक और पुलिस कर्मी ने आज खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है।

मिली जानकारी के मुताबिक आलमबाग के लोको टोल टैक्स के पास सरकारी आवास में हेड कांस्टेबल राजरतन वर्मा रहते थे, वह हरदोई जिले में डॉयल 100 में तैनात थे। शनिवार सुबह उनके कमरे से गोली चलने की आवाज आई। परिजनों ने देखा कि कमरे के भीतर वह खून से लथपथ पड़े थे।

आनन-फानन में परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने राजरतन को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही पुलिस ने घटना में प्रयुक्त असलहा और खोखा कारतूस बरामद कर लिया है।

बताया जाता है कि रोजाना 20 घंटे की ड्यूटी से परेशान होकर उसने यह कदम उठा लिया। मृतक कांस्टेबल के एक करीबी मित्र ने वरिष्ठ अधिकारियों को बताया कि राज रतन वर्मा डायल 100 आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा में तैनात था और काम के घंटे ज्यादा होने और ओवरटाइम के चलते वह काफी तनाव में था।

गौरतलब है कि 29 मई 2018 को उत्तर प्रदेश पुलिस के पीपीएस अधिकारी और उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता में अपर पुलिस अधीक्षक के पद पर तैनात राजेश साहनी ने कुछ ऐसे ही तनाव में आकर अपने कार्यालय में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। हालांकि जिसकी जांच बखूबी जारी है।

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