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मायावती की सधी और अचूक रणनीति का असर, छोड़कर जाने वाले अब वापसी की राह पर

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लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती आगामी 2019 के लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बड़े ही सधे हुए अंदाज में अपनी अचूक रणनीति के तहत काम कर रही हैं और एक तरह से काफी हद तक बिखर चुके अपने संगठन को न सिर्फ बखूबी बड़ा कर रही हैं बल्कि मजबूती से खड़ा भी कर रही हैं। इसकी ही बानगी है कि पिछले विधानसभा चुनावों में बसपा सुप्रीमो मायावती का साथ छोड़कर दूसरी पार्टी में गए करीब 200 कार्यकर्ताआें ने घर वापसी की है। जिसमें 4 बार विधायक आैर पार्टी के संस्थापक सदस्याें में शामिल रहे इंद्रजीत सरोज भी हैं।

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव के दाैरान इंद्रजीत सरोज ने मायावती पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आराेप लगाया था। जिसके बाद मायावती ने उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इंद्रजीत सरोज के साथ बड़ी मात्रा में कार्यकर्ताआें ने पार्टी छाेड़ दी थी। इन्ही कार्यकर्ताआें में 200 ने गुरुवार काे पार्टी में वापसी की। बसपा के एक सदस्य का कहना है कि बहुत सारे लाेग खासकर भाजपा से हमारे संपर्क में हैं। बहुत जल्द ही ये लाेग भी पार्टी में शामिल हाे जाएंगे।

दरअसल पिछले लाेकसभा आैर विधानसभा चुनाव में बसपा काे मिली करारी हार के बाद एक तरह से बसपा में भगदड़ सी मच गई थी जिसके चलते तमाम पार्टी कार्यकर्ताआें ने पार्टी का साथ छाेड़ दिया था। वहीं लगातार मायावती का साथ छोड़ रहे कार्यकर्ताओं की वजह से यह भी खबरें आने लगी थी कि बसपा पतन की ओर अग्रसर हो चली है लेकिन विगत दिनों सपा के साथ गठबंधन करने पर प्रदेश के दो अहम उपचुनावों में मिली जीत के बाद फिर से पासा पलट गया है।

इतना ही नही इसके साथ ही हाल ही में कर्नाटक चुनाव के दौरान और चुनाव के बाद भी बसपा सुप्रीमों की रणनीति न सिर्फ कारगर साबित हुई बल्कि वहां भी बसपा ने बखूबी अपनी धमक दर्ज कराते हुए एक मात्र विधायक को मंत्री पद भी दिलवाया। जानकारों के अनुसार क्योंकि अब बसपा सुप्रीमों की रणनीति के चलते जब हालात फिर से संवरने लगे हैं तो तमाम वो ही छोड़ कर जाने वाले लोग वापस आने लगे हैं। ये एक तरह से मायावती की और बसपा की कामयाबी ही माना जायेगा।

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