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कासगंज में हिंसा के दौरान उपद्रवियों ने बसों और दुकानों को जलाया

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कासगंज उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में गणतंत्र दिवस पर तिरंगा प्रभात फेरी यात्रा के दौरान भड़की हिंसा के बाद आज शनिवार को भी उपद्रवियों ने शहर में तोड़फोड़ के साथ ही आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया। मौके पर भारी मात्रा में पुलिस बल होने के बावजूद तनाव बरकरार है हालांकि कल से इलाके में धारा 144  लागू है। जब कि वहीं अभी तक इस मामले में पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही बाकी उपद्रवियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।

 

वहीं इस दौरान कल हिंसा में मारे गए शख्स का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. जिसमें बीजेपी सांसद राजवीर सिंह के अलावा स्थानीय विधायक भी मौजूद रहे। जानकारी के मुताबिक, अंत्येष्टि कर लौट रहे आक्रोशित लोगों ने सड़क किनारे खड़ी दो बसों में आग लगा दी और एक खोका फूंक दिया. उपद्रवियों ने आधा दर्जन दुकानों में आग लगा दी. जिससे हालात एक बार फिर से बेकाबू हो गए है।

वहीं इस मामले पर एडीजी कानून-व्यवस्था आनंद कुमार ने बताया कि कई लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस हिंसा में मारे गए शख्स के परिजनों के लिए प्रदर्शनकारियों ने मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की है. साथ ही उन्होंने आरोपियों के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की मांग की है।

गौरतलब है कि कल 26 जनवरी के अवसर पर कासगंज के थाना कोतवाली क्षेत्र में बिलराम गेट के पास से तिरंगा प्रभात फेरी यात्रा गुजर रही थी। इसी दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और पाकिस्तान मुर्दाबाद के साथ जय श्रीराम और भारत माता की जय के नारे लगाए।

जिसका दूसरे समुदाय के लोगों ने उनका विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस के बाद भिड़ंत हो गई। भिड़ंत के बाद समुदाय विशेष के लोगों ने मोर्चा संभाला और घर की छतों से पथराव और फायरिंग शुरू कर दी।

देखते ही देखते उपद्रवियों ने तहसील रोड पर भी फायरिंग कर दी, गाड़ियां फूंकी गई। जिसके बाद से इलाके में तनाव और बढ़ गया. इस गोलीबारी में गोली लगने से रेलवे रोड निवासी चंदन गुप्ता उर्फ अभिषेक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक प्रिंस गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं उपद्रवियों के पथराव में लगभग आधा दर्जन लोगों को भी मामूली चोटें भी आईं हैं।

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