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UP-UK: जबर्दस्त आंधी और बारिश से लोग हुए त्रस्त, कई लोग मरे जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

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नई दिल्ली। देश भर में लगातार जारी आंधी तूफान का कहर पड़ रहा है लोगों को अब बहुत ही भारी। उत्तर भारत में शुक्रवार को एक बार फिर तेजी आंधी और बारिश ने कोहराम मचाया। दिल्ली एनसीआर के अलावा राजस्थान, हरियाणा, और उत्तर प्रदेश में तेजी आंधी और बारिश ने आम लोगों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। इसी क्रम में अब शुक्रवार रात आई आंधी में उत्तर प्रदेश में जहां एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है वहीं एक दर्जन लोग घायल हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात आई आंधी में उत्तर प्रदेश में 15 लोगों की मौत हो गई। साथ ही तकरीबन 9 लोगों के घायल होने की खबर है। बीती रात आई आंधी का असर उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा और संभल में सबसे ज्यादा देखने को मिला। इसके अलावा उत्तराखंड में भी मौसम की तबाही जारी है। भारी बारिश के कारण यहां कई हाईवे और सड़कों पर मलबा आने से यातायात बाधित रहा।

गौरतलब है कि यूपी में तो इस आंधी ने ऐसी तबाही मचाई कि मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर, मेरठ, अमरोहा और संभल जिलों में 15 लोगों की मौत हो गई वहीं 9 अन्य घायल हो गए। आंधी ने कुछ ऐसी तबाही मचाई की बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए। जिले में करीब 500 से अधिक गांव में विद्युत आपूर्ति बंद है। देहात क्षेत्रों में सुबह जब लोग अपने घरों से निकले तो आंधी और बारिश का तबाही का मंजर देखने को मिला।

कल आई इस आंधी तूफान और बारिश  के चलते जहां मुरादाबाद समेत पश्चिमी यूपी में तबाही मचा दी। कई जगह पेड़ गिर गए, बिजली के पोल टूटे और होर्डिंग-बोर्ड उखड़ गए। अमरोहा में दिवार गिरने से मलबे में दबकर बच्चे की मौत हो गई तो संभल में आंधी में उड़ी टिन की चपेट में आकर युवक की गर्दन कट गई। मुरादाबाद के कटघर में एक स्कूल की दीवार गिरने से महिला घायल हो गई।

वहीं दिल्ली रोड पर एक कार पर पेड़ गिर गया। उन लोगों की मुसीबत ज्यादा हो गई जो सड़क पर सफर कर रहे थे। कई लोग तूफान की चपेट में आ कर चोटिल हो गए।तूफान ने ऐसा डराया कि लोग बेचैन हो गए। इसे अब तक के सीजन की पहली सबसे तेज तूफान माना गया। तूफान के साथ बारिश भी हुई। बीस मिनट में ऐसा लगा कि खिड़कियां दरवाजे तक उखड़ जाएंगे। दिल्ली रोड पर एक पेड़ कार पर गिर गया। वहीं एक बस भी पेड़ की चपेट में आ गई।

इसी प्रकार से उत्तराखंड में शुक्रवार दोपहर बाद मौसम ने करवट बदल ली। पूरे गढ़वाल मंडल में आंधी के साथ हुई तेज बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया। बड़कोट के गंगटाड़ी गांव में तीन बच्चे उफनाए नाले में बह गए। दो बच्चों को लोगों ने बचा लिया लेकिन एक बच्ची लापता है। पौड़ी के बमोर्थ गांव में मलबे से तीन गोशालाएं दब गईं। रुद्रप्रयाग में केदारनाथ हाईवे सौड़ी और बदरीनाथ हाईवे रैतोली में मलबा आने से बंद हो गए। देर शाम मलबा हटाने के बाद दोनों मार्गों पर यातायात बहाल हुआ। ज्ञात हो कि पिछले कई दिनों से उत्तर भारत के राज्यों में आंधी तूफान का दौर जारी है और अब तक इसके चलते जानमाल का भारी नुकसान हुआ है।

भारत सहित दुनिया के विभिन्न भागों में आंधी के लगातार बढ़ते दौर को देखते हुए सरकार ने इसके पीछे जलवायु परिवर्तन के प्रभावों का अध्ययन कराने का फैसला किया है। इसके लिए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने विशेषज्ञों की उच्चस्तरीय समिति गठित की है। मंत्रालय के सचिव एम राजीवन नायर ने शुक्रवार को बताया कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में एक ही समय औसतन लगभग 10 हजार स्थानों पर आंधी आती है। उन्होंने कहा कि भारत भी इस प्रभाव से अछूता नहीं है।

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